Chalu Bhabhi Aur Main

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हैलो दोस्तो, मैं अर्शदीप कौर उर्फ चुद्दकड़ अर्श का सभी पाठकों को प्यार भरा सलाम। मैं आपके सामने चुदाई की एक और गर्मा-गर्म कहानी लेकर हाजिर हुई हूं उम्मीद है ये कहानी आपको बहुत पसंद आएगी। ये कहानी मेरे एक आशिक यार की और उसकी भाभी की है। अब कहानी सुनिए मेरे उसी आशिक यार की जुबानी।

मेरा नाम रॉकी जिंदल है और मेरी आयु 23 साल है। मैं अभी कुंवारा हूं और मुझे लड़कियों और औरतों में बहुत दिलचस्पी है। मुझे अर्श जैसी बड़े-बड़े बूब्ज़ एवं बडी़ गांड वाली हॉट लड़कियां और औरतों बहुत पसंद हैं। ऐसी लड़कियों को देखकर ही मेरा लंड टाईट हो जाता है और उनको चोदने को बेताब हो जाता हूं।

मेरी किस्मत अच्छी है कि मुझे अपनी पसंद की बहुत सारी लड़कियां, भाभियां और आंटियां चोदने को मिलीं। मेरा कद 5 फीट 8 इंच और रंग गोरा है। मेरा जिस्म सुडौल और लंड 6.5 इंच लंबा एवं 2.5 इंच मोटा है। में बाल एवं आंखें भूरी और चेहरा क्लीन शेव है। ये कहानी मेरे और मेरी भाभी के किए हुए मजे की कहानी है।

मेरी भाभी का नाम ज्योति जिंदल है जो बहुत ही मस्त और हॉट माल है। ज्योति भाभी की आयु 28 साल और कद 5 फीट 5 इंच है। भाभी का रंग एकदम गोरा और बदन भरा हुआ है। भाभी के बाल गहरे काले और लंबे हैं। भाभी की आंखें गहरी काली और नशीली हैं। भाभी के होंठ लाल हैं और होंठों के नीचे छोटा सा काला तिल है। भाभी के बदन की शेप और कामुक चेहरा किसी को भी पागल बना सकता है। भाभी की फिगर का नाप 34डी-28-36 है और चाल बहुत ही कामुक है।

ये बात तीन साल पहले की है जब मेरी आयु 20 साल और भाभी की आयु 25 साल थी। मैं उस टाईम बीकॉम के दूसरे साल में पढ़ता था। एक साल पहले मेरे बडे़ भाई की शादी ज्योति भाभी से हुई थी। जब मैंने भाभी को पहली बार देखा तो देखता ही रह गया वो गुलाबी लहंगे में कयामत ढा रही थी। भाभी घर में साड़ी पहनती थी जिस में से भाभी का गोरा चिकना पेट और गहरी नाभि दिखाई देती थी।

मैं भाभी का गोरा पेट, गहरी नाभि और ब्लाउज में फंसे हुए बूब्ज़ देखकर उत्तेजित हो जाता और बाथरूम में जाकर मुट्ठ मारता। मुझे सपने में भी भाभी का बदन दिखाई देता, रात में मैं भाभी के रूम के दरवाजे से कान लगा कर भाभी की चुदते हुई की आवाजें सुन कर टाईम पास करता।

कुछ ही दिनों में मुझे भाभी की हरकतों से लगने लगा कि वो एक नंबर की चालू।रंडी है। उसकी हरकतें मैं चोरी चोरी देखता वो छत पर खड़ी हो जाती और आते जाते लड़कों को स्माईल देती या भाई के जाते ही फोन पर लग जाती और किसी से धीरे-धीरे बातें करती।

एक दिन मैंने चोरी से भाभी का फोन उठा कर उसमें कॉल रिकॉर्डर लगा दिया। उसके बाद कई दिनों तक मुझे भाभी का फोन उठाने का मौका नहीं मिला। एक दिन भाभी मेरी मॉम के साथ बाजार गई और फोन घर पर भूल गई।

मैंने फोन उठाया और देखने लगा। भाभी की कॉल हिस्ट्री देखकर हैरान रह गया कि भाभी तो मेरी सोच से भी बडी़ चालू रंडी निकली। उसके फोन से अलग लड़कों को कॉल किया हुआ था और बहुत ही सेक्सी बातें भी की हुई थीं।

कॉल हिस्ट्री से एक बात और पता चली वो ये कि दोपहर को जब भैया काम पर, मैं कॉलेज में और मॉम सो जाती तो भाभी अपने आशिकों को घर में बुला कर चुदवाती थी। हमारे घर में जो ड्राइंग रूम है उसका दरवाजा बाहर गली में खुलता है और भाभी उसी रूम में अपने आशिकों से रंग रलियां मनाती थी। कॉल हिस्ट्री के हिसाब से भाभी के 14 आशिक थे।

मैंने भाभी के फोन से काल रिकॉर्डर डिलीट कर दिया और भाभी के आशिकों को देखने के बारे सोचा। मैंने ड्राइंग रूम में अपने कम्पूटर का वैव कैमरा लगा कर छुपा दिया और कम्पूटर से जोड़ लिया। अब मैं रात को भाभी की चुदाई का नजारा देखता। भाभी बिल्कुल रंडी की तरह चुदवाती थी खास कर उसके लंड चूसने का तरीका बहुत ही कामुक था।

मुझे एक बात की हैरानी थी कि भाभी को चोदने वाले सभी लोग 50 साल से ज्यादा के थे उसके बाद मुझे एक आदमी जाना पहचाना लगा, कुछ देर सोचने के बाद याद आया कि वो भाभी के पापा का दोस्त है जिसको भाभी बडे़ पापा बोलती है और एक दिन शादी के बाद वो भाभी के पापा के साथ हमारे घर भी आया था।

उसके बाद मैंने भैया और भाभी की शादी की मूवी देखी और मैंने देखा कि जो जो लोग भाभी को चोदने आते हैं वो सब उसके पापा के दोस्त हैं। मुझे बहुत हैरानी हुई कि मेरी भाभी अपने पापा के दोस्तों के साथ चुदाई करती है।

उस टाईम तक मैं सिर्फ मुट्ठ मारकर ही अपनी गर्मी निकालता था, उस दिन मुझे लगा मुझे भी भाभी की चूत मिल सकती है। मैंने भाभी से बात करने की सोची और काफी सारी हिम्मत इक्कठा की। भाभी से बात करने केलिए मैं कॉलेज नहीं गया। दोपहर में जब मॉम सो गई तब मैंने भाभी के रूम का दरवाजा खटखटाया।

भाभी ने कुछ देर बाद दरवाजा खोला शायद वो अपने किसी आशिक से बात कर रही थी। दरवाजा खोलकर भाभी ने पूछा क्या हुआ रॉकी कुछ चाहिए क्या। मेरा दिल किया कि बोल दूं कि मुझे आपकी चूत चाहिए लेकिन बोल नहीं पाया।

मैंने हिम्मत करके कहा भाभी एक बात करनी है। मैं रूम के अंदर आ गया भाभी बैॅड पर बैठ गई और मुझे भी बैठने को कहा। जैसे ही मैं बैॅड पर बैठा तो भाभी ने कहा बोलो रॉकी क्या बात है। मैंने भाभी से कहा आपके पापा के जो दोस्त हैं जिसको आप बडे़ पापा कहती हो वो क्या करते हैं और उनकी आयु क्या है।

भाभी बोली वो करीब 65 साल के हैं और रेलवे से रिटायर हुए हैं लेकिन तुम क्यों पूछ रहे हो। मैंने कहा कुछ नहीं भाभी ऐसे ही और फिर मैं भाभी के पापा के उन दोस्तों के बारे पूछने लगा जो भाभी को चोदने आते थे। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

मैंने सोचा था मैं भाभी को बोलूंगा कि वो सब भाभी को चोदते हैं और भाभी मना करेगी उसके बाद मैं भाभी को उसकी चुदाई की वीडियो दिखा कर मेरे साथ चुदाई केलिए बोलूंगा। मैं ये सब बोलता उससे पहले भाभी बोली अच्छा तो ये बात है तुम्हें सब मालूम हो गया है कि उनके साथ मेरा कैसा संबंध है। मैंने कहा हां भाभी और आप उनसे ड्राइंग रूम में मिलती हो।

मुझे लगा भाभी मुझ से कहेगी कि मैं किसी को न बताऊं लेकिन भाभी बोली ठीक है अगर मालूम हो गया है तो लेकिन पूरी सच्चाई जान लो। भाभी बताने लगी कि शादी से पहले वो और उनके पापा के दोस्त चुदाई करते थे।

जब भाभी की शादी हुई तो भाभी ने सोचा शादी के बाद किसी और से सेक्स नहीं करेगी लेकिन मेरे भैया भाभी को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाते तो उसको उन लोगों से सेक्स करना पड़ता है क्योंकि भाभी को शुरू से ही ताबड़तोड़ चुदाई से ही संतुष्टी मिलती है और भैया उतनी देर चोद नहीं पाते। भाभी काफी देर से चुदाई कर रही है और बिना जोरदार चुदाई के भाभी रह नहीं पाती।

भाभी ने कहा जब तुम्हारे भैया मेरी आग शांत नहीं कर पाते तो कोई तो चाहिए जो मेरी आग शांत कर सके और मुझे अपने तीनों छेदों में दमदार लंड से चुदाई चाहिए लेकिन तुम्हारे भैया तो चूत भी ठीक से नहीं चोद पाते। मुझे कुछ नहीं सूझ रहा था अब आगे क्या बात करूं और मैं उठ कर चलने लगा। तभी भाभी बोली रॉकी अगर तुम चाहो तो मेरे पति बन जाओ।

मैंने कहा क्या बोल रही हो भाभी तो भाभी बोली अरे यार लोगों को दिखाने केलिए तो तुम्हारे भैया ही मेरे पति रहेंगे, तुम मुझे चोदने वाले पति बन जाओ। उन लोगों को बुला तो लेती हूं लेकिन हमेशा बदनामी का डर लगा रहता है।

मैंने कहा भाभी बन तो जाऊंगा लेकिन मैंने कभी सेक्स नहीं किया और आप तो बहुत सारे लंड खा चुकी हो। भाभी बोली एक बार ट्राई तो करो अगर तुम्हारे लंड ने मुझे संतुष्ट कर दिया तो बहुत अच्छा होगा नहीं तो पापा के दोस्त हैं ही।

मैंने कहा ठीक है भाभी तो भाभी बोली आज शाम को तुम्हारे भैया मॉम को लेकर तुम्हारे मामा के घर जा रहे हैं और दो दिन बाद आएंगे। आज रात हमारी सुहाग रात होगी ये कहकर भाभी मेरे पास आई और मेरी गाल पर चूम लिया।

मैंने भाभी से पूछा भाभी कौन सा कंडोम पसंद है आपको।

भाभी ने कहा धत्त तेरी की कंडोम लगा कर क्या मजा आएगा कंडोम लगाकर तो मैंने कभी शादी से पहले चुदाई नहीं की। अब तो शादीशुदा हूं और अब क्या कंडोम लगाना। बच्चा ठहर गया तो तुम्हारे भैया ही बाप कहलाएंगे और तुम्हारी मॉम को भी दादी बनने की जल्दी है। मैंने कहा क्या आपको मां बनने की जल्दी नहीं है तो भाभी बोली मां तो कभी भी बन सकती हूं लेकिन अभी दो साल मजे तो लूट लूं।

शाम को भैया घर आए और मुझे भाभी का ख्याल रखने को बोलकर मॉम के साथ चले गए। भाभी बोली रॉकी आज पूरा मजा करेंगे और मुझे शराब लाने को कहा। मैं बाईक लेकर चला शराब लेने चला गया। शराब लेकर मैंने मैडिकल स्टोर से सेक्स की गोली लेकर खा ली क्योंकि मैं भाभी को अच्छी तरह चोद कर उसका दूसरा पति बनना चाहता था। जैसे ही मै घर आया तो भाभी का सेक्सी रूप देखकर हिल सा गया।

भाभी ने एक काली शार्ट स्कर्ट और सफेद छोटा सा टॉप पहन रखा था। से ने सिर्फ भाभी की गांड और चूत वाला हिस्सा धका हुआ था जबकि उसकी भरी हुई जांघें बहुत ही सेक्सी लग रही थीं। भाभी का टॉप भी बहुत छोटा और खुले गले का था जिसमें भाभी का पेट और ऊपर से आधे बूब्ज़ दिखाई दे रहे थे।

भाभी ने नीचे से ब्रा और पैंटी नहीं पहनी थी और भाभी ने हाई हील के सैंडल पहन रखे थे। हाई हील की वजह से भाभी की गांड और भी उभरी हुई लग रही थी और हाईट भी मेरे बराबर की लग रही थी। मैं भाभी की खूबसूरती निहारने लगा तो भाभी बोली क्यों मेरी जान लगती हूं न पूरी चुद्दकड़ गर्म रंडी। मैं बोलने में हिचकचा रहा था तो भाभी बोली शर्मा मत मेरी जान बोल न।

मैंने कहा भाभी तुम तो किसी पोर्न मूवी की पोर्न स्टार लग रही हो एकदम गर्मा-गर्म माल जो लंड लेने को तैयार है। भाभी बोली बस ठीक है अब मुझे उसी तरह जोर जोर से चोदना ताकि मैं मस्ती मैं जोर जोर से चिल्ला चिल्ला कर मजे लूं। मैंने भाभी को शराब की बोतल पकड़ा दी और भाभी ने दो पैग में ही आधी बोतल उड़ा दी।

भाभी ने मुझे भी पीने को बोला लेकिन मैंने मना कर दिया क्योंकि मैंने कभी शराब नहीं पी थी। फिर भी भाभी ने मुझे एक पैग पिला ही दिया जो मुझे कड़वा लगा। कुछ ही देर में मुझे नशा हो गया और भाभी ने मुझे एक और पैग पिला दिया लेकिन इस बार कड़वा नहीं लगा। मुझे काफी नशा हो गया था और भाभी की आखें भी नशे से लाल हो गईं थीं। नशे के साथ साथ हम दोनों की आखों में सेक्स की खुमारी भी छा गई थी।

मैंने भाभी से पूछा भाभी कहां चलना है ड्राइंग रूम में या आपके रूम में। भाभी ने कहा न रूम में न ड्राइंग रूम में जो करना है आंगन में करेंगे। हम दोनों आंगन में आ गए और भाभी ने मुझे जींस और शर्ट निकालने को कहा। मैंने वैसा ही किया और सिर्फ अंडरवियर में भाभी के सामने खड़ा था। भाभी ने नल चालू करके पाईप उठा ली और मुझ पर पानी डालकर बिल्कुल गीला कर दिया। उसके बान भाभी ने खुद पर अच्छे से पानी डाला और भाभी के कपड़े उसके बदन से चिपक गए।

अब भाभी के बदन का नक्शा बिल्कुल दिख रहा था भाभी के बूब्ज़ के निप्पल बाहर को उभर आए थे। नल बंद करके भाभी मेरे पास आकर घुटनों के बल बैठ गई। मेरे गीले अंडरवियर में मेरा लंड तंबू बना रहा था और भाभी ने अंडरवियर के ऊपर से मेरे लंड को सहलाते हुए हाथ में पकड़ लिया। भाभी बोली तेरा लंड तो बहुत शानदार है जानूं ये बहुत मजा देगा। भाभी ने अचानक से मेरा अंडरवियर नीचे खींच दिया और मेरे लंड से खेलने लगी।

कुछ देर बाद भाभी ने मेरे लंड के टोपे से चमड़ी पीछे करके उसको चूम लिया। भाभी के नर्म रसीले होंठों का स्पर्श अपने लंड पर पाकर मेरे जिस्म में बिजली दौड़ने लगी। भाभी ने मेरे टोपे पर जीभ घुमाते हुए लंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी।

भाभी अपना सिर आगे-पीछे करके मेरे लंड को चूस रही थी और मेरा लंड पहली बार किसी छेद में घुसा था तो मैं जन्नत की सैर कर रहा था। भाभी तेजी से अपने सिर को आगे की तरफ झटका मारती और मेरा पूरा लंड उसके मुंह से होता हुआ उसके गले में उतर जाता। मुझे एक अजीब सा मजा आ रहा था।

भाभी का मुंह मुझे बहुत गर्म महसूस हो रहा था और भाभी बहुत ही सेक्सी ढंग से मेरा लंड चूस रही थी। भाभी के गले में मेरा लंड अंदर-बाहर होने से गप्प गप्प की आवाजें आ रही थीं जो मुझे और भी ज्यादा मदहोश कर रही थीं।

भाभी मेरा लंड काफी देर तक चूसती रही और फिर अपनी टांगें खोलकर खड़ी हो गई। भाभी ने मुझे बैठ कर चूत चाटने को कहा। मैं घुटनों के बल नीचे बैठ गया और भाभी की जांघों के बीचों-बीच उनकी चूत पर मुंह रख दिया।

मैं भाभी की चूत को होंठों से चूमते हुए अपनी जीभ से चाटने लगा। भाभी के मुंह से कामुक आवाजें निकलने लगीं और मैं तेजी से भाभी की चूत चाटने लगा। भाभी ने मुझे जीभ चूत में घुसा कर चाटने को कहा और मैं भाभी की चूत में जीभ डालकर चाटने लगा।

अचानक भाभी मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी और अपनी गांड हिला हिला कर अपनी चूत मेरे चेहरे पर रगड़ने लगी। भाभी की चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी और भाभी ने अपनी चूत मेरे चेहरे पर रगड़ कर अपनी चूत का रस मेरे चेहरे पर लगा दिया। भाभी की चूत के रस से बहुत की कामुक सुगंध आ रही थी। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

भाभी ने मुझे खड़ा होने को कहा और मैं भाभी के सामने खड़ा हो गया। मैं अपने चेहरे से भाभी की चूत का रस साफ करने ही लगा था कि भाभी ने मेरा हाथ पकड़ कर रोक दिया। भाभी ने मेरा चेहरा अपने हाथों में पकड़ लिया और अपनी जीभ से मेरे चेहरे को चाटने लगी। ऐसा लग रहा था कि भाभी अपनी चूत का रस नहीं बल्कि शहद चाट रही हो।

मेरे चेहरे को जीभ से चाटने के बाद भाभी ने अपने कपड़े निकाल दिए और बची हुई शराब भी पी गई। भाभी ने एक बार फिर से नल चालू करके पाईप उठा ली और मुझे एवं खुद को पूरी तरह से भिगो कर ही नल बंद किया। मैंने आज भाभी के बदन को पूरी तरह देखा था, भाभी का बदन बिल्कुल संगमरमर की तरह चमक रहा था और भाभी की हर अदा मुझे पागल कर रही थी। भाभी बड़ी ही सेक्सी अदा से गांड मटका कर मेरी तरफ आई और आते ही अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिए।

कुछ देर तो हम दोनों प्यार से एक-दूसरे को चूमते रहे लेकिन जल्दी ही हम एक-दूसरे के होंठों को जोर जोर से चूसने लगे। भाभी ने मुझे और मैंने भाभी को कस कर बाहों में भर लिया। मैं और भाभी एक-दूसरे से इतनी जोर से चिपके हुए थे कि हमारे बीच में से हवा भी नहीं निकल सकती थी।

भाभी के बड़े-बड़े बूब्ज़ मेरी छाती में गढे़ हुए थे और उसके सख्त निप्पल मुझे अपनी छाती पर महसूस हो रहे थे। मैं और भाभी एक-दूसरे के होंठों को चूसते हुए दांतों से काटने लगे और एक-दूसरे के मुंह में जीभ डालकर घुमाने लगे। हम एक-दूसरे की गालों, कानों और गर्दन के नीचे पागलों की तरह चूमने लगे।

अब मैं भाभी के बूब्ज़ पर आ गया और बूब्ज़ चूसने लगा। मैं भाभी के बूब्ज़ के निप्पलों पर जीभ घुमाता और मुंह में लेकर जोर से खींच कर छोड़ देता। भाभी काम अग्नि में जलते हुए मेरा सिर पकड़ कर अपने बूब्ज़ पर दबाने लगी। मैं भाभी के गोरे चिकने पेट को जीभ से चाटने लगा और नाभि में जीभ डालकर हिलाने लगा। भाभी अपने बूब्ज़ दबा कर मचलती हुई आंहें भरने लगी।

थोड़ी देर बाद भाभी बोली रॉकी अब रहा नहीं जाता जल्दी से मुझे चोद दे। मैंने कहा भाभी यहां पर ही या रूम में। भाभी बोली रूम में चलते हैं रॉकी और मैंने भाभी को गोद में उठाया और रूम में लाकर बैॅड पर लेटा दिया। भाभी ने अपनी टांगें खोल दीं और मैं ऊपर आ गया। मैं भाभी के होंठ चूमने लगा और नीचे मेरा लंड भाभी की चूत पर ठोकर मारने लगा।

भाभी ने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर सैट किया शर मुझे जोर लगाने को कहा। मैं अपनी कमर धीरे-धीरे नीचे दबाने लगा और मेरा लंड भाभी की चूत की दीवारों से घर्षण करते हुए पूरा लंड अंदर समा गया। भाभी ने मुझे जोर जोर से चोदने को कहा और मैं अपनी कमर हिला हिला कर भाभी की चूत में अपना लंड पेलने लगा।

भाभी ने अपनी बाहें मेरी पीठ पर लपेट दीं और नीचे से गांड उछाल उछाल कर झटके मारने लगी। हम दोनों के झटकों से लंड बहुत तेजी से अंदर-बाहर होने लगा और फच्च फच्च की आवाजें आने लगीं। इस चुदाई मैं भाभी के मुख से बहुत ही कामुक आवाजें निकल रही थीं और मुझे ज्यादा जोश दिला रही थीं।

कुछ देर इस अवस्था में चुदाई के बाद भाभी ने मुझे नीचे आने को कहा और खुद ऊपर आ गई। भाभी ने अपनी चूत मेरे खड़े लंड पर टिका कर जोर से अपनी गांड नीचे धकेल दी और मेरा लंड एक बार फिर उसकी चूत में समा गया। भाभी अपने हाथ मेरी छाती पर रखकर मेरे लंड पर उछल-कूद करने लगी और उसके बूब्ज़ भी हवा में उछल-कूद करने लगे। मैंने भाभी के बूब्ज़ को कस कर अपने हाथों में पकड़ लिया और नीचे से झटके मारने लगा।

काफी देर बाद मुझे लगा मैं झड़ने वाला हूं और मैंने भाभी को बोला तो भाभी ने कहा मेरी चूत में ही माल निकालना। मैं नीचे से बहुत तेजी से भाभी की चूत चोदने लगा और भाभी भी उतनी ही तेजी से ऊपर से अपनी गांड हिलाने लगी। कुछ देर बाद ही मेरा जिस्म अकड़ने लगा और लंड का वीर्य पूरा भाभी की चूत में निकाल दिया।

जैसे ही भाभी ने अपनी चूत से लंड निकाला तो उसकी चूत से वीर्य टपकने लगा। भाभी ने वीर्य कपड़े से साफ किया और मेरे साथ नंगी ही लेट गई। आधी रात को भाभी मेरे जिस्म से खेलने लगी और मुझे भी जाग आ गई। हमने एक बार फिर से चुदाई की।

उसके बाद मैं कॉलेज से आते ही भाभी के रूम में घुस जाता और हम चुदाई करते। भाभी ने मुझे चुदाई के सभी पाठ पढा़ दिए और भाभी गांड भी चुदवाती थी। अब चुदाई का इतना तजुर्बा हो गया है कि किसी भी लड़की या औरत को बिना रुके अलग अलग अवस्था में चोद सकता हूं।

दोस्तों आपको मेरी ये कहानी केसी लगी मुझे ईमेल करके जरुर बताना “[email protected]”.

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