लंड बदलकर चुत चुदाई का मजा- 3

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साली के साथ सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैं अपने जीजू से चुदाई करवाने को तैयार थी. जीजा का लंड देखकर मेरा दिल खुश हो गया. मैंने कैसे अपनी वासना ठंडी की जीजू के साथ?

हैलो फ्रेंड्स, मैं आप लोगों की प्यारी चुदक्कड़ लेखिका मधु जैसवाल एक बार फिर आप सभी का साली के साथ सेक्स कहानी में वेलकम करती हूँ.

साथ ही मैं आप लोगों का शुक्रिया अदा करती हूं कि आप लोग मुझे मेल और इंस्टाग्राम के जरिये इतना प्यार देते हैं.

आप लोगों ने मेरी साली के साथ सेक्स कहानी के पिछले भाग लंड बदलकर चुत चुदाई का मजा- 3 में पढ़ा था कि मुझे चोदने के लिए मेरे जीजू ने जैसे ही अपना लंड बाहर निकाला मैं उनके मस्त लंड को देख कर खिल उठी.

अब आगे की साली के साथ सेक्स कहानी:

मेरी मुस्कान को देखकर जीजू बोले- क्यों हंस रही हो मेरी रानी? अब मैं ये तो बोल नहीं सकती थी कि आपका लंड बहुत अच्छा है इसलिए मैंने बात घुमा दी.

बात घुमाते हुए मैं बोली- मैं सोच रही थी कि आप मेरे साथ ये सब कर रहे हो … और कहीं दीदी वहां अमित के साथ यही सब ना कर रही हों. यह सुनते ही जीजू बोले- यार, ऐसी हूर के लिए अगर मुझे मेरी बीवी तो क्या … अगर मेरी बहन को भी किसी के साथ शेयर भी करना पड़े, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है.

अब मुझे समझ आ गया कि सारे मर्द एक जैसे ही होते हैं. अगर मस्त माल मिले, तो ये लोग कुछ भी कर सकते हैं.

अब तक जीजू पूरे जोश में आ गए थे. उनको समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या कर रहे हैं. कभी वो मेरी चुत चाटते तो कभी मेरी जांघ, तो कभी मेरी चूची मरोड़ते, तो कभी मेरे गालों को चाटते और बीच बीच में वो दांत से भी काट लेते थे.

मैं भी इस पल को पूरा एंजॉय कर रही थी. मैं सब कुछ भूलकर जीजू का पूरा साथ दे रही थी. उन्होंने मेरी चूचियों और चूत को अपने दांतों से काफी खरोंच दिया था और निशान बना दिए थे.

मैं उस समय तो बहुत एन्जॉय करके यह सब करवा रही थी और बिल्कुल भूल चुकी थी कि इसके बाद मैं अपने पति को क्या बोलूँगी.

खैर … वो अलग सेक्स कहानी बनी थी, उसे मैं फिर कभी बताऊंगी.

जीजू अब मेरी चूत की फांकों में अपने लंड को आगे पीछे करने लगे थे … जिससे मैं सब कुछ भूल कर उनके लंड से चुत की रगड़ाई का मजा उठा रही थी. उनके मोटे लंड से चुत घिसवाने के कारण मेरे मुँह से अपने आप सिसकारियां निकलने लगी थीं.

मेरे से अब ये चुदाई बर्दाश्त से बाहर हो रही थी. मेरे मुँह से अपने आप आवाज निकल रही थी- ओन्ह्ह … जीजू मत तड़पाओ यार … अब फाड़ भी दो मेरी चूत को … आह … अब मैं और नहीं सह सकती. जीजू बोले- हां हां क्यों नहीं मेरी रानी … ये ले मेरी जान … आज तो तेरी चुत को भोसड़ा बना कर ही रहूँगा.

इतना बोलकर जीजू अपने लंड को मेरी चूत पर टिकाने लगे.

मैं बोली- ये क्या कर रहे हो … इस पर कुछ चिकनाई तो लगा लो … क्या मुझे मारोगे?

लेकिन वो नहीं माने और जबरदस्ती लंड चुत में डालने लगे. तभी मैंने उन्हें धक्का देकर हटाया और बोली- ऐसे नहीं यार … आपका बहुत मोटा है, मेरी फट जाएगी.

जीजू फिर उठे और क्रीम ढूंढने लगे … लेकिन उन्हें मिल नहीं रही थी. वो इधर उधर पूरे में ढूंढ चुके, लेकिन क्रीम नहीं मिली.

फिर वो बोले- यार तेरी दीदी ने न जाने क्रीम कहां रख दी है … मिल ही नहीं रही है. मैं स्माइल करते हुए बोली- दीदी को फोन करके पूछ लो. जीजू थोड़े गुस्से में बोले- अच्छा और फोन करके क्या बोलूं कि तेरी बहन की चूत क्रीम लगाकर मारनी है … क्रीम किधर रखी है!

जीजू एकदम से झल्ला गए थे और तभी वो बोले- याद आया … मैं फ्रिज में देखता हूँ … वहां जरूर होगी.

वो गए और कुछ ही सेकेंड के अन्दर आ गए. मैंने लंड के इन्तजार में अपने दोनों हाथ पीछे की ओर कर रखे थे और मैं बेड पर बिल्कुल बेशर्मों की तरह नंगी लेटी थी.

मैं जीजू को थोड़ी सी छेड़ते हुए बोली- क्या हुआ राजा … क्रीम मिली या नहीं! जीजू मेरी खुली हुई चुत देखते हुए बोले- मेरी रानी क्रीम तो नहीं मिली … लेकिन तुम्हें चोदने के लिए बहुत अच्छी चीज मिल गयी है. मैं चौंकते हुए बोली- क्या ले आए?

जीजू ने अपना हाथ आगे की ओर किया … जिसे देखकर मैं दंग रह गयी कि इससे कैसे चुदाई होगी. आज तक तो मैंने खुद कभी सोची भी नहीं थी कि मैं कभी ऐसे भी चुदूंगी. फिर मैंने सोची कि चलो कोई बात नहीं, आज कुछ नए तरीके से ही चुद लूंगी.

मुझे आज तक ये बात समझ नहीं आई कि लोग मुझे अलग अलग चीजों से क्यों चोदते हैं.

मगर मैं थोड़ी सी एक्टिंग करते हुए बोली- यार जीजू, आइसक्रीम से कैसे चुदूंगी? जीजू बोले- यार क्रीम मिल ही नहीं रही है … तो मैंने सोचा आइसक्रीम से ही क्यों ना चोदूं … मजा भी आएगा. मैं बोली- हम्म … इससे बढ़िया दाल चावल ही ले आते. फिर जीजू हंसते हुए बोले- उससे अगली बार ट्राइ करेंगे.

जीजू मेरी चुत पर आइसक्रीम लगाने लगे. चूत पर आइसक्रीम लगते ही जैसे मेरी चुत में आग सी लग गयी और मैं जोर से तपड़ उठी. ऐसी अनुभूति आजतक मैंने नहीं ली थी. इसलिए मैं शब्दों में इसे बयां नहीं कर सकती. लेकिन आपलोगों को एक बात जरूर कहूंगी कि इसे आप लोग एक बार जरूर ट्राय करें.

मेरी चूत पर लगी आइसक्रीम मेरी चुत की गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पायी और पिघलने लगी. वो पिघली हुई आइसक्रीम मेरी चुत के अन्दर प्रवेश करने लगी. मैं जोर जोर से चिहुंक रही थी. आइसक्रीम की ठंडक मेरी चुत को और जला रही थी.

मेरे मुँह से मस्त सिसकारियां निकल रही थीं- आंह उन्ह … अब मत तड़पाओ यार … फाड़ दो इस चूत को … इसका भोसड़ा बना दो.

तभी जीजू अपने जीभ से मेरी चुत की आइसक्रीम चाटने लगे, जिससे मैं बिल्कुल पागल हो गयी और जीजू को धक्का दे दिया.

फिर जीजू उठे और अपनी उंगली को मेरी चुत में आगे पीछे करने लगे, जिससे मेरी चुत में ठंडी ठंडी आइसक्रीम का समावेश होने लगा. ये मेरे बर्दाश्त से बाहर होने लगा था.

मुझे ये देखकर बहुत चिढ़ आ गयी और बोली- अब चोदो भी यार … मुझे बावला किये पड़े हो. तब से नाटक कर रहे हो. नहीं चोदना हो तो हटो मैं किसी खीरे से ही अपनी आग शांत कर लूंगी.

मैं खड़ी होने लगी. ऐसा नहीं था कि मुझे मजा नहीं आ रहा था. मैं मजा तो सातवें आसमान का ले रही थी … लेकिन मेरी चुदास इतनी ज्यादा बढ़ गयी थी कि और सह पाना मेरे वश में नहीं रह गया था.

तभी जीजू ने मुझे लिटाया और बोले- इतनी जल्दी कैसे चोद दूं साली साहिबा. … लगता है बहुत दिनों की खुजली है. शायद तुम्हें तुम्हारे पति खुश नहीं कर पाते हैं.

इस पर मैं झल्ला कर बोली- कभी दीदी को मेरे पति के साथ सुला कर देखो … आपसे चुदना न भूल गयी, तो कहना. वो तो आप जबरदस्ती कर रहे हो इसलिए मुझे अपनी टांगें खोलनी पड़ीं … नहीं तो मेरे पति में इतनी गर्मी है कि मैं ही उनको शांत नहीं कर पाती हूँ.

ये बात सुनकर जीजू थोड़े चिढ़ गए और उन्होंने बिना बताए मेरी चुत पर लंड टिकाकर एक जोरदार झटका दे मारा.

मैं इसके लिए अभी तैयार ही नहीं थी. जीजू का लंड चूत में लेते ही मुझे बहुत तेज दर्द हुआ और मैं जोर से चिल्ला कर छटपटाने लगी.

मैं दर्द के मारे जोर जोर से चिल्ला रही थी- आंह … फाड़ दी मेरी … छोड़ दो मुझे!

मुझे इतनी ज्यादा पीड़ा हो रही थी कि मेरे मुँह से गाली निकलने लगी- साले कुते हरामजादे छोड़ दे मुझे! जीजू ने भी शायद कभी नहीं सोचा होगा कि मैं उन्हें कभी ऐसी गाली दूंगी.

इतने में जीजू ने दूसरा झटका मारा और उनका मोटा लंड पूरा का पूरा मेरी चुत में समा गया.

अब दर्द बर्दाश्त कर पाना मेरे वश की बात नहीं थी. मैं जीजू को धकेल रही थी और उनकी छाती पर मुक्के भी मार रही थी. लेकिन उनको कोई फर्क नहीं पड़ रहा था. वो मुझे बिल्कुल जकड़े हुए थे.

एक दो पल रुकने के बाद जीजू अपने लंड को मेरी चुत में आगे पीछे करने लगे. लंड चुत में घुसा हुआ ऐसे चल रहा था, जैसे इंजन में बिना तेल के पिस्टन चल रहा हो. चुत की चमड़ी छिलने लगी थी.

मैं जीजू को जोर जोर से गालियां दे रही थी- आंह छोड़ दे कमीने … साले कुते बहनचोद छोड़ मुझे … हरामी ने मेरी चुत फाड़ दी साले ने … अपनी बहन को क्यों नहीं चोदता साले!

लेकिन जीजू मेरी चिल्लपौं को नजरअंदाज करते हुए धक्के पर धक्के लगाए जा रहे थे. मैं दर्द से चिल्ला रही थी और जीजू को गाली दे रही थी.

तकरीबन 5 मिनट तक वो ऐसे ही चोदते रहे. तब जाकर दर्द में थोड़ी सी राहत हुई और मुझे मजा आने लगा. अब मैं भी नीचे से कमर उचका उचका कर चुदवाने लगी. मैं उनके हर धक्के को एन्जॉय कर रही थी और बराबर से उनका साथ दे रही थी.

जीजू भी फुल स्पीड में मेरी चुत चुदाई कर रहे थे. पूरे कमरे में फच फच की आवाज़ गूंज रही थी.

हम दोनों एक दूसरे के हर अंगों को चूम रहे थे और वासना में खोए हुए थे. ऐसे ही हमारी चुदाई चल रही थी.

तकरीबन 15-20 मिनट बाद मैं झड़ने को आयी और मेरा शरीर अकड़ने लगा. मेरी चूत अब पानी छोड़ने वाली थी.

इत्तफाक से तभी जीजू भी झड़ने को आये और उन्होंने अपनी गति बढ़ा दी. मैं भी फुल स्पीड में गांड उचकाने लगी थी.

मेरे मुँह से फिर गाली निकलने लगी थी- आंह फाड़ दो … मेरी चुत को भोसड़ा बना दो जीजू … क्या मस्त चोदते हो. अब जीजू भी फुल जोश में थे और वो भी गाली का जवाब गाली से देने लगे- साली कमीनी रांड … आज तेरी चुत को ऐसे फाडूंगा कि तू मेरी लंड की दीवानी हो जाएगी.

बस जीजू ने अपनी चुदाई की स्पीड शाद्ब्दी एक्सप्रेस की तरह बढ़ा दी और बिना रुके उनके लंड ने मेरी चुत में समझो तूफ़ान ला दिया.

मैं भी उतनी ही तेजी से गांड उठा उठा कर लंड की चोटों का जबाव दे रही थी. मैं बोली- आंह चोद … बहन के लंड चोद मादरचोद. वो भी बोले- हां मेरी रंडी साली … ले मां की लौड़ी लंड ले … साली आज तेरी चुत का भोसड़ा बना कर रहूँगा.

हम दोनों की गति बढ़ती ही जा रही थी. मेरे मुँह से कामुक सिसकारियां निकल रही थीं- आह जीजू साले और तेज चोद साले मादरचोद. जीजू भी हांफते हुए बोल रहे थे- आह मेरी रंडी ले लंड ले कमीनी … आज तेरी चूत के छितरे छितरे उड़ा दूंगा … तुझे अपनी रखैल बनाऊंगा. मैं भी उनका साथ दे रही थी- आंह रखैल तो तेरी बन ही गयी हूँ साले हरामी.

जीजू घचाघच मेरी चूत फाड़े जा रहे थे. मैं भी पूरा साथ दे रही थी.

तभी मेरी चूत ने सिग्नल दे दिया और मेरी गांड तेजी में उचकने लगी.

मैं और जोर जोर से चिल्लाने लगी- आह गई मैं … और तेज पेल दे मेरी जान … और तेज … फाड़ दे मां के लौड़े … मेरी चूत को और तेजी से चोद दे. इसके साथ ही मेरी चुत ने पानी छोड़ दिया और मैं निढाल हो गयी.

लेकिन जीजू अभी भी गाली देते हुए लंड चला रहे थे- साली कुतिया कहां थी रंडी अब तक … तू पहले मिली होती, तो कब का तेरी चुत का भोसड़ा बना दिया होता. जैसे तेरी बहन की चुत को चौड़ी बना दी है वैसे ही तेरी कर देता … आह ले.

बस जीजू अपनी गति बढ़ाते चरम पर आ गए और चिल्लाने लगे- ऊन्नंह … ले साली रंडी … त..तेरी चूत फाड़ दूंगा … आंह … त..तेरी बहन को चोदूं साली … ले माल पी ले.

और ना जाने जीजू ने क्या क्या गालियां दीं … जो सब मैं यहां नहीं लिख सकती. उन्होंने मेरे मम्मी पापा तक को नहीं बख्शा था. एक तेज आवाज के साथ ही जीजू ने मेरी चुत में वीर्य की नदी बहा दी और मेरे ऊपर ही ढेर हो गए.

जीजू मुझे चोदने के बाद कुत्ते की तरह हांफ रहे थे और बोल रहे थे- आंह … मजा आ गया यार … क्या मस्त चुत देती हो.

कोई दस मिनट बाद हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर लेट गए और कुछ देर बाद फिर से चुदाई का खेल हुआ.

इसके बाद हम दोनों ने बहुत बार चुदाई का मजा लिया. जीजू ने मेरी गांड भी मारी. अब जीजू से मेरी कम मुलाकात होती है … और अगर होती भी है, तो सीधे बिस्तर पर ही होती है.

आप लोगों को एक बात बता दूं कि मेरे बच्चे में जीजू के स्पर्म का ही योगदान था.

अब के लिए अपनी इस प्यारी हॉट चुदक्कड़ लेखिका को इजाजत दें. आप लोगों को मेरी साली के साथ सेक्स कहानी कैसी लगी, मुझे कमेंट्स पर जरूर बताइएगा. आपकी प्यारी मधु लेखक के आग्रह पर इमेल आईडी नहीं दिया जा रहा है.

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