भाई बहन की चुदाई की सेक्सी स्टोरी-2

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सेक्सी स्टोरी का पिछला भाग : भाई बहन की चुदाई की सेक्सी स्टोरी-1 इस चुदक्कड़ परिवार की हिंदी सेक्सी स्टोरी का अगला भाग आपके सामने है, फिर से मजा लीजिएगा. भाई बहन के प्यार की कामुक लीला के दौरान ही मयूरी मंदिर से लौट आई. उसने घर का दरवाजा खोला और अन्दर आकर हॉल में घुसते ही देखा तो… यह क्या…? उसे तो अपनी आँखों पर यकीन ही नहीं हुआ कि उसके घर में ये कामुकता का खेल चल रहा था.

मयूरी एकदम से भौंचक्की सी रह गई. मयूरी ने देखा कि सुरेश काजल के नीचे लेट कर उसकी चूत चाट रहा है और इसी वजह से उसका मुँह घर के मुख्य दरवाज़े की तरफ ही था. अचानक उसकी नज़र मयूरी पर पड़ी तो वो फिर से उसी हालत में हो गया जैसे वो थोड़ी देर पहले था. जब रमेश की नींद खुली थी और उसने सुरेश को अपना लंड काजल से चुसवाते हुए देख लिया था.

सुरेश धीरे से बोला- भा..भाभीईई.. आ..आआप..? सुरेश के ऐसे बोलने से काजल और रमेश को भी घर में मयूरी की उपस्थिति का एहसास हो गया. काजल भी रमेश का लंड चूसना छोड़ कर पीछे पलट गई और मयूरी की तरफ देखने लगी.

वैसे तो वो मयूरी से बहुत ही खुली हुई थी. ननद भाभी के रिश्ते की वजह से दोनों के बीच बहुत प्यार और मजाक भी चलता रहता था. पर इस समय बात अलग थी. एक तो वो बिल्कुल नंगी थी, ऊपर से वो अपने बड़े भाई का लंड चूस रही थी और अपने दूसरे भाई से अपनी चूत चटवा रही थी. उसे इस समय अपने आप के लिए किसी रंडी होने जैसे एहसास होने लगा था. वो शर्म से गड़ गई और अपनी भाभी से आँखें नहीं मिला पा रही थी.

इधर रमेश भी अभी तक अपनी आँखें बंद करके अपनी छोटी सगी बहन से लंड चुसवाने का असीम आनन्द ले रहा था, पर उसकी भी तन्द्रा टूट चुकी थी और वो भी मयूरी की तरफ देखने लगा. हालाँकि सामने उसकी अपनी पत्नी खड़ी थी, जिसके सामने वो कई बार नंगा हुआ था, उसको अपना लंड चुसवाया था, उसकी चूचियों के साथ खेला था, उसकी चूत चाटी थी, गांड भी मारी थी और कई बार उसकी घनघोर चुदाई भी की थी. पर वो अभी अपनी सगी बहन के साथ बाहर ही आपत्तिजनक अवस्था में उसके सामने लेटा हुआ था. इसलिए उसको भी अपराधबोध हो रहा था.

तीनों भाई-बहन कुछ भी बोल नहीं रहे थे. माहौल में सन्नाटा सा छाया हुआ था. मयूरी को इस बात का एहसास हुआ. उसके दिमाग में पता नहीं क्या सूझा कि वो हल्के से मुस्कुराई और बोली- तुम लोग घबराओ नहीं. ये सब इस घर में मेरे लिए अनएक्सपेक्टेड था इसलिए मैं सोच में पड़ गई थी.

मयूरी की ये बात सब के लिए थोड़ी अटपटी सी थी, पर ये सब देखने के बाद मयूरी की ये प्रतिक्रिया इन तीन भाई-बहनों के लिए राहत की बात थी, क्योंकि इससे ये जाहिर हो रहा था कि मयूरी को इस बात का बुरा नहीं लगा. हालांकि वो अभी ये सोच ही नहीं पा रहे थे कि करना क्या है? मयूरी से बात क्या करनी है.

पर मयूरी तो खुश लग रही थी. फिर मयूरी आगे बोलने लगी- मुझे ख़ुशी है कि हमारे ‘इस घर में भी…’ इतना खुलापन आ गया है. मैं घर के मंदिर में भगवान की पूजा करके वापिस आती हूँ, फिर इस चुदाई के कार्यक्रम में मैं भी तुम्हें ज्वाइन करती हूँ. आज तो बहुत ही मजा आएगा. तुम लोग अपना चुदाई जारी रखो, मैं थोड़ी देर में ज्वाइन करती हूँ.

यह कह कर मयूरी अपनी सेक्सी सी बड़ी गांड मटकाते हुए घर के पूजा वाले कमरे में चली गई.

रमेश, सुरेश और काजल के लिए मयूरी का ये व्यवहार समझ के एकदम बाहर था. तीनों कुछ समझ नहीं पाए और इस उधेड़बुन में उनका सेक्स का मन भी उतर गया. तीनों उसी अवस्था में नग्न ही सोफे पर बैठ गए और मयूरी के वापिस आने का इंतज़ार करने लगे. काजल रमेश और सुरेश के बीच में बैठ गई थी और तीनों रिलैक्स करते करते सोचने लगे.

तभी काजल के दिमाग में एक सवाल आया. वो रमेश की तरफ देखते हुए पूछने लगी- भैया? रमेश- हाँ… काजल- भाभी ने ये क्यों कहा कि उनको ख़ुशी है कि हमारे ‘इस घर में भी…’ इतना खुलापन आ गया है? क्या उनका ‘इस घर में भी…’ का मतलब ये तो नहीं कि उनके पुराने घर यानि कि मायके में भी ये सब होता है?

रमेश को काजल की ये बात एकदम सही लगी, पर मयूरी ने कभी अपने मायके के बारे में ऐसा कुछ बताया तो नहीं था. रमेश- यार काजल, आज तक वैसे उसने मुझे ऐसा कुछ बताया तो नहीं है. वो मुझसे कुछ छुपाती तो नहीं, पर ये सब तो नहीं बताया… उसको आने दो फिर बात करते हैं.

लगभग 20 मिनट के बाद मयूरी मुस्कुराते हुए बाहर आई. उसने कपड़े बदल लिए थे. अब वो उस साड़ी में नहीं थी, जिसमें वो अन्दर गई थी. वो इस समय अपने ब्लू नाईट सूट में थी. उसकी चूचियों को देख कर लग रहा था कि उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी हुई है. फिर भी उसकी चूचियां एकदम हिमालय जैसी खड़ी थीं… गोल-गोल और सख्त मम्मे किसी का भी लंड खड़ा कर देने को आतुर थे.

मयूरी उम्मीद कर रही थी कि बाहर तो अब घनघोर चुदाई चल रही होगी, पर सबको सोफे पर चुचाप बैठे हुए देख के समझ गई कि सब थोड़े असहज हो रहे हैं. उसको लगा कि अब अपने मायके के रहस्य से पर्दा उठाने का समय आ गया है. वो कहने लगी- देखो, तुम लोग कुछ गलत नहीं कर रहे थे. कम से कम मेरी नज़रों में तो बिल्कुल भी नहीं. क्योंकि मैं जानती हूँ कि एक बहन की जवानी पर, उसकी चूत पर उसके भाइयों का सबसे पहला अधिकार होना चाहिए.

घर के बाकी लोग अभी भी प्रश्न भरी निगाहों से मयूरी को एकटक देख रहे थे. मयूरी आगे बोलने लगी- रमेश, मुझे तुम्हें बताने का कभी मौका नहीं मिला, पर आज ये बताने में मुझे कोई हिचक नहीं हो रही कि मैं तुम्हारे लिए वर्जिन नहीं आई थी. मैं पहले से ही चुदी हुई थी, पर यकीन मानो मेरा कभी कोई आशिक़ या बॉयफ्रेंड नहीं था. मुझे वो सारा प्यार अपने घर में मिला. मेरे दोनों भाई, एक मुझसे बड़ा और एक मुझसे छोटा है, दोनों ने मुझे खूब चोदा है और प्यार दिया है. मैं अपने मायके में एकदम लाड़ली हूँ. इसलिए मैंने जब भी जो भी माँगा, मुझे मिला है. मैं सिर्फ अपने भाइयों से ही नहीं, बल्कि मैंने अपने पापा से भी चुदाई की इच्छा जाहिर की थी तो मेरे पापा और भाइयों ने मुझे खूब चोदा और प्यार दिया है.

रमेश- पर तुमने ये बात मुझे पहले क्यों नहीं बताया? मयूरी- क्योंकि तुम ये बात समझ नहीं पाते. बताओ, क्या अगर तुम अपनी बहन के साथ ऐसे रिश्ते नहीं रखते तो क्या कभी समझ पाते कि भाई बहन आपस में क्यों चुदाई करते हैं? रमेश- हाँ, शायद तुम सही कह रही हो. पर तुम्हारे यहाँ ये सब शुरू कैसे हुआ? मेरा मतलब है तुमने सबसे पहले किसका लंड लिया? मयूरी- ये एक लम्बी कहानी है, मैं तुमको बाद में बताऊँगी.

काजल ने इठलाते हुए अपनी चूत पसारी और कहा- भाभी, मुझे भी बताओ ना प्लीज… सुरेश- और भाभी मुझे भी… मयूरी- हाँ, हाँ… तुम सब को बताऊँगी. और काजल, मैं अब तुझमें अपने आपको देखती हूँ. इसलिए तुम्हें तो जरूर बताऊँगी. काजल- आई लव यू भाभी.. मयूरी- आई लव यू तू मेरी जान…

और मयूरी ने काजल के माथे पर एक स्नेह भरा चुम्बन लिया. फिर मयूरी काजल से मुस्कुराते हुए नटखट अंदाज़ में पूछने लगी- काजल, तुम अपने भाइयों से कबसे चुदवा रही हो?

काजल ने थोड़े शिकायत भरे अंदाज में कहा- भाभी, बस आज और अभी से ही शुरू हुआ था और आज ही हम सब पकड़े भी गए. अभी तक तो मैंने अपनी चूत में किसी का लंड लिया भी नहीं है. काजल की मासूमियत भरी अदा से सब जोर से हंसने लगे.

मयूरी- कोई बात नहीं काजल.. तुम खुशनसीब हो जो पहली बार में ही दोनों भाइयों का लंड चूसने को मिला. अब हम सब बात ही करेंगे कि कार्यक्रम भी आगे बढ़ाया जाए? सुरेश- भाभी, प्लीज… मैंने आज तक सेक्स करना तो दूर, किसी को किस भी नहीं किया. मैं कसम से कहता हूँ, मैंने अभी भी काजल की चूचियों को नहीं दबाया. सिर्फ चूत चाटी है… प्लीज चुदाई शुरू करते हैं ना..

मयूरी ने अपना गाउन निकाल फेंका और उसके नशीले तनबदन के दर्शन सबको हो गए. रमेश ने तो ये कामुक शरीर बहुत बार देखा हुआ था, पर काजल और सुरेश के लिए एकदम नया था. दोनों उसको गौर से देखने लगे. मयूरी ने ब्रा नहीं पहनी थी, पर एक ब्लैक कलर की पैंटी पहनी हुई थी, जो जालीदार सी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी. उसने अपनी पैंटी को नहीं उतारा.

मयूरी सुरेश के सामने फर्श पर बैठ गई और उसके लंड को अपने दोनों हाथों से पकड़ते हुए बोली- सुरेश, तुम चिंता मत करो मेरी जान.. आज तुम्हें सब कुछ मिलेगा और इतना मिलेगा कि तुम्हें किसी बात का कोई पछतावा नहीं रहेगा.

ऐसा कहते हुए मयूरी अपने देवर के ऊपर चढ़ गई, ठीक वैसे ही जैसे थोड़ी देर पहले काजल उसके ऊपर चढ़ी हुई थी. पर इस बार फर्क ये था कि मयूरी की चूचियां एकदम खुली हुई थीं और उसने पैंटी को छोड़ कर कुछ भी नहीं पहना हुआ था. इस बार सुरेश को अपने भाई से डर नहीं था और वो एक शानदार चुदाई के लिए तैयार था.

मयूरी सुरेश के चेहरे की तरफ झुकी और अपने रसीले खूबसूरत होंठ सुरेश के होंठों पर रख दिए. सुरेश मयूरी के निचले होंठों को जोर से चूसने लगा. मयूरी ने अपनी जुबान सुरेश के मुँह में डाल दी और दोनों चुम्बन के इस प्रगाढ़ दौर में मस्त हो गए. इधर रमेश ने अपनी बहन काजल को सोफे पर लिटा दिया और उसके बगल में बैठ कर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. काजल रमेश के होंठों को जोर से एक अनुभवी औरत की तरह चूसने लगी. रमेश साथ ही साथ अपने एक हाथ से काजल की एक चूचि को जोर-जोर से दबाने लगा और दूसरे हाथ को उसकी जाँघों पर फेरते हुए उसकी चूत का मुआयना करने लगा.

थोड़ी देर काजल की जाँघों को सहलाने के बाद रमेश के हाथ ने काजल की चूत का रुख किया. वो अपनी बहन की चूत को हल्के हल्के से सहलाने लगा. फिर उसने अपनी बहन की चूत के छेद में अपनी एक उंगली डाल दी. रमेश को महसूस हुआ कि काजल की चूत बहुत गीली हो चुकी है. उसने अब अपनी एक और उंगली बहन की चूत में डाल दी और जोर जोर से अन्दर बाहर करते हुए अपनी उंगलियों से ही बहन की चूत की चुदाई करने लगा.

अपने भाई के इस वार से काजल की साँसें और धड़कनें बहुत तेज़ हो गई थीं और उसने अपने हाथ से रमेश के सर के बाल जोर से पकड़ लिए. काजल सिसकारियां भी नहीं ले पा रही थी क्योंकि रमेश ने अपने होंठों से उसके होंठों पर ताला लगाया हुआ था. वो अपने पैरों को जमीन पर रगड़ने और उमेठने लगी.

थोड़ी देर और चुम्बन के बाद रमेश ने अपने सारे कपड़े खोल दिए और काजल की दोनों टांगों को फैलाकर उस पर अपना लंड सैट कर दिया. अब रमेश और काजल, दोनों भाई बहन बिल्कुल नंगे चुदाई की मुद्रा में थे.

रमेश अपने लंड पर तेल लगाने की सोचने लगा क्योंकि काजल की चूत अभी नई थी, पर काजल की चूत में पहले ही इतना पानी भरा हुआ था कि वो एकदम चिकनी हो गई थी. रमेश ने अपनी दो उंगलियां उसकी चूत में डालकर चैक किया, तो उंगलियां फिसलते हुए एकदम से चूत के अन्दर चली गईं. इसका मतलब ये भी था कि काजल ने आज से पहले अपनी चूत को उंगली से चोदा था.

फिर रमेश ने काजल की चूत पर तेल लगाने का ख्याल अपने दिल से निकाल दिया. उसने अपना लंड काजल की चूत पर थोड़ा सा रगड़ा. इससे काजल की चूत का चिकना पानी उसके लंड पर लग गया और लंड भी गीला हो गया.

अब समय आ चुका था जब काजल की चूत का सील टूटने वाला कार्यक्रम का उद्घाटन होना था. रमेश ने काजल की तरफ देखा और पूछा- काजल, तू तैयार है? काजल- भैया, अब मत तड़पाओ प्लीज.. अब मैं इससे ज्यादा तैयार कभी नहीं हो पाऊँगी. प्लीज मेरी चूत को चोद दो, मेरी सील तोड़ दो. मैं आपका ये एहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगी. रमेश- ठीक है फिर.. थोड़ा दर्द होगा, पर थोड़ी ही देर में मजा आने लगेगा. काजल- अगर मैं मर भी जाऊं तो आप चुदाई मत रोकना. अपने भाई से चुदते हुए मर जाने से अच्छी मौत नहीं हो सकती.

मयूरी ये बात सुनकर अपने होंठ और जुबान को सुरेश के होंठों से अलग करते हुए बोली- एकदम सही कहा काजल.. आज तुझे वही सब मिल रहा है, जो मुझे 5 साल पहले मिला था. बेस्ट ऑफ़ लक मेरी जान.. इस परमसुख का आनन्द ले लो. अपने भाई के लंड से चुदाई को एन्जॉय कर मेरी प्यारी काजल.

ये सब सुन कर रमेश और काजल और जोश में आ गए. रमेश ने एक झटका लगा दिया और उसका लगभग आधा लंड काजल की चूत में चला गया. काजल दर्द के मारे चीख पड़ी. उसने जोर से सोफे को पकड़ लिया और उसकी आँखों से आंसू बहने लगे.

इतनी टाइट चूत होने की वजह से रमेश को भी अपने लंड में थोड़ा दर्द का एहसास हुआ, पर उसको काजल की आँखों में आंसू देख कर थोड़ी देर रुकने का ख्याल आया. वो काजल की चूत में लंड डाले हुए वैसे ही थोड़ी देर तक उसके ऊपर पड़ा रहा.

थोड़ी देर में काजल का दर्द कम हो गया तो वो अपनी गांड को नीचे से धीरे-धीरे उठा उठा कर रमेश को चोदने लगी. रमेश भी समझ गया कि बहन की चूत फिर से तैयार है. उसने धीरे से एक और झटका लगाया और इस बार उसका लंड काजल की चूत में पूरा घुस गया.

काजल फिर से चीख पड़ी, पर उसको इस बार दर्द से ज्यादा सुख का अनुभव हो रहा था. वो दर्द और ख़ुशी के मिले जुले भाव में बोली- आह.. भैया.. रमेश- हाँ बहना.. काजल- चाहे मैं जितना भी रोऊँ.. चीखूँ.. मुझे जितना भी दर्द हो, आप रुकना मत.. आप चुदाई जारी रखना.. प्लीज..

रमेश उसकी इस बात से बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गया और उसने जोर-जोर से धक्के मारना शुरू कर दिए. वो इतने जोर-जोर से धक्के मार रहा था कि काजल का पूरा शरीर इस चुदाई की वजह से आगे पीछे हो रहा था और उसकी कामुक सिसकारियों की आवाज़ भी काँप रही थी. काजल- भाई.. आआहह.. आह.. पेलो.. बहुत मजा… आ… रहा.. है… प्लीज.. और जोर.. से.. चोदो.. अह.. मैं पागल हो जाऊँगी..

रमेश को काजल की ये बातें और उन्मादित करने लगी थीं और वो पूरे जोर की ताकत से धक्के लगाने लगा. सुरेश और मयूरी अपना प्रेमालाप छोड़ कर रमेश और काजल की चुदाई का ये मनमोहक दृश्य एकटक देखे जा रहे थे. सुरेश अब मयूरी की मादक चूचियों पर अपनी जोर आजमाइश कर रहा था. वो अपनी पहली चुदाई में धीरे धीरे आगे बढ़ना चाहता था. वो अपने जीवन के सेक्स के ये पहले अनुभव को बड़े आराम से आनन्द लेना चाह रहा था. उसकी भाभी एक अनुभवी खिलाड़ी की तरह इसमें उसका पूरा साथ दे रही थी. साथ ही साथ वो अपनी छोटी बहन की पहली चुदाई भी देखना और उसका लुत्फ़ उठाना चाह रहा था.

इधर करीब 15 मिनट की लगातार घनघोर चुदाई के बाद रमेश अब झड़ने वाला था. वो काजल को देखते हुए कहने लगा- काजल… मैं झड़ने वाला हूँ.. काजल- भाई.. आह आ… प्लीज.. मेरी चूत में ही झड़ना.. मैं आपके लंड के रस को अपनी चूत के अन्दर महसूस करना चाहती हूँ. तभी मेरी ये पहली चुदाई पूरी हो पाएगी.. प्लीज.. भैया…

काजल जैसे रमेश से अपनी चूत में झड़ने के लिए अनुरोध कर रही थी. उससे लग रहा था कि वो अपने सेक्स के इस अनुभव को पूरी तरह से एन्जॉय करना चाह रही थी. रमेश के लिए ये चुदाई पहली नहीं थी, पर वो अपनी बहन की चूत को चोदते हुए सेक्स का एक अलग ही अनुभव कर रहा था. ऊपर से वो पहली बार किसी लड़की का सील तोड़ रहा था. उसने देखा कि उसके लंड पर थोड़ा थोड़ा खून लगा हुआ है, जो काजल की चूत की सील के टूटने के कारण लग गया था.

अब वो झड़ने वाला था. उसका शरीर धीरे धीरे अकड़ने लगा और उसने काजल की चूत में अपने प्यार की धारा को खोल दिया. उसने महसूस किया कि वो इससे ज्यादा कभी नहीं झड़ा. शायद मयूरी की चूत में भी कभी इतना नहीं झड़ा था.

उधर काजल को जैसे तृप्ति मिल गई हो. वो रमेश के लंड का पानी अपनी चूत में महसूस कर पा रही थी. उसने जोर से रमेश को पकड़ लिया और रमेश भी उसके ऊपर गिर गया. दोनों थक चुके थे.

इधर सुरेश ने अब अपने हाथों से मयूरी के चूत का रुख किया. उसने मयूरी की ब्लैक कलर की पैंटी को उसकी चूत के ऊपर से हटाया और देखा कि मयूरी की चूत बहुत गीली हो चुकी थी. उसने आव देखा न ताव और अपनी भाभी की पैंटी को निकाल फेंका. आज सुरेश को सौभाग्य से घर की दोनों औरतों की पैंटी खोलने का मौका मिला था.

मयूरी ने भी वक़्त न गंवाते हुए अपनी चूत को सुरेश के खड़े लंड पर सैट किया और ऊपर से ही सुरेश को चोदने लगी. सुरेश का लंड रमेश से थोड़ा बड़ा था और मयूरी बहुत चुदी होने के बावजूद भी एक टाइट चूत की मालकिन थी. उसको सुरेश का लंड अपनी चूत में लेने में थोड़ा सा दर्द हुआ, पर सुरेश का मोटा लंड एक ही बार में फिसलते हुए पूरा अन्दर चला गया. अब धक्के लगाने की बारी मयूरी की थी. वो जोर-जोर से सुरेश की चुदाई करने लगी. सुरेश भी नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर चुदाई के इस खेल में मयूरी का पूरा साथ देने लगा.

इधर काजल की बाँहों में पड़े पड़े थोड़ा सा आराम करने के बाद रमेश का लंड फिर से चुदाई के लिए तैयार हो गया. उसका लंड पहले की तरह फिर से खड़ा हो गया था.

रमेश काजल की आँखों में देखते हुए पूछने लगा- काजल, एक राउंड फिर से करें? काजल- हाँ भैया, क्यों नहीं.. मैं तैयार हूँ. और मेरी चूत भी अपने भैया का लंड लेने के लिए रेडी है.

रमेश को जैसे ही काजल की तरफ से हरा सिग्नल मिला, उसने अपना लंड फिर से बहन की चूत पर सैट किया और एक झटका दे दिया. इस बार उसका लंड पहले झटके में ही बहन की चूत के अन्दर पूरा चला गया.

काजल उत्तेजना के मारे चिल्लाने लगी- आह.. माँआ… पूरा डाल दो भैया.. और जोर से चोदो मुझे.. फाड़ दो मेरी चूत को. उम्म्ह… अहह… हय… याह… आज से ये चूत तुम्हारी है. मैं तुम्हारी बहन नहीं.. तुम्हारी दूसरी पत्नी हूँ. चाहो तो तुम मुझे अपनी रखैल बना लो.. पर जोर से चोदो मुझे..

कामुकता के प्रवाह में काजल बोली- मैं आज बहुत खुश हूँ कि मेरे बड़े भाई ने मुझे चोद कर मेरी सील खोली काजल उत्तेजना के मारे कुछ भी बड़बड़ा रही थी. उसे अभी सिर्फ चुदाई चाहिए थी, वो भी निर्मम चुदाई.

अब इस घर के हॉल में लगे सोफे पर दो जोड़े जबरदस्त चुदाई में लगे हुए थे. दोनों जोड़ों की चुदाई के कारण हॉल में हच हच.. की आवाज़ें गूंज रही थीं. इन दो जोड़ों में एक भाई-बहन थे और दूसरा देवर-भाभी लंड चूत के खेल में लगे थे.

पर इस समय सब लोग सेक्स की भूख में अंधे हुए पड़े थे. उनको सिर्फ एक ही चीज़ चाहिए थी और वो थी चुदाई. उन्हें किसी बात की कोई परवाह नहीं थी.

पर उनको परवाह करनी चाहिए थी. उनको परवाह करनी चाहिए थी कि अब मोहनलाल (इन भाई-बहन का पिता और मयूरी का ससुर) घर आ चुका था और वो हॉल में दरवाज़े के पास खड़ा, ये दृश्य देख रहा था. वो देख रहा था कि उसके घर के अपने ही बच्चे आपस में चुदाई में व्यस्त थे.

इस चुदक्कड़ परिवार की हिंदी सेक्सी स्टोरी की रसधार का अगले अंक में फिर से मजा लीजिएगा. मेल जरूर कीजिएगा. [email protected] सेक्सी स्टोरी जारी है.

आगे की कहानी: सेक्स स्टोरी ससुर बहू की चुदाई की

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