मेरी प्रियतमा की चुत आखिर एक दिन मुझे मिल ही गई

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सभी गीली चुत और खड़े लंड को सलाम! मेरा नाम हेरी है, मैं गुजरात का रहने वाला हूँ, मेरी हाईट 5’6″ है, मेरा लंड 6″ है। यों तो मैंने कई लड़कियों के साथ सेक्स किया और कईयों की सील भी तोड़ी है पर मैं आज आपको मेरी पहली चुत चुदाई के बारे में बताने जा रहा हूँ प्रिया के साथ… यह चार साल पहले की बात है।

प्रिया एक बहुत ही खूबसूरत लड़की थी, ऊपर वाले ने उसे बड़े आराम से बनाया होगा। वो किसी परी से कम नहीं थी, उसका फीगर 34-29-35 होगा. उसकी गांड इतनी मोटी थी कि जब मटक कर चलती थी तो हर कोई उसकी गांड का दीवाना हो जाता था। मेरी उससे पहली मुलाकात उसके मामा के घर हुई थी जो हमारे घर के बगल में ही रहते थे। मैं तो उसे देख कर दंग रह गया था, ऐसी लड़की मैंने पहले कभी नहीं देखी थी।

मैं तो उसे देखता ही रह गया, हिना ने हमारी पहचान करवाई, वो प्रिया के मामा की बेटी थी, हिना और मैं साथ ही खेले और बड़े हुए थे, हम एक दूसरे के साथ इतने घुलमिल गये थे कि हम अपनी सारी बातें एक दूसरे के साथ शेयर किया करते थे तो मैंने हिना से बात की कि मुझे प्रिया को पटाना है और उसमें मुझे तुमहारी मदद चाहिए। उसने कहा- ठीक है साले… तेरा काम तो करना ही पड़ेगा।

दूसरे दिन सुबह जब मैं सो रहा था, तब हिना प्रिया को लेकर आ गई, उसने मुझे जगाया। मैंने उठ कर देखा तो प्रिया मेरे सामने खड़ी थी। वो लाल रंग की सलवार और कमीज पहन कर आई थी, क्या कयामत लग रही थी यारो… शब्दों में ब्यान कर पाना मुश्किल है। मेरे तो होश ही उड़ गये… मैं बस उसे ही देखता रह गया, मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूँ।

हिना ने न जाने कब कहा ‘तुम दोनों बात करो, मैं चाय बना कर लाती हूँ’ और वो कब चली गई, पता ही नहीं चला. फिर प्रिया ने कहा- इतनी देर तक सो रहे हो?

मैं हड़बड़ा गया! मैं कुछ नहीं बोल पा रहा था। प्रिया ने फिर कहा- इतनी देर तक क्यों सो रहे हो? मैंने कहा- ऐसे ही… आज नींद नहीं खुली।

वो मेरे बगल आकर बैठ गई और हम इधर- उधर की बातें करने लगे। इतने में हिना चाय लेकर आ गई।

मैं फ्रेश हो आया, फिर हमने साथ में चाय-नाश्ता किया. अब तो प्रिया भी हमारे साथ घुल मिल गई थी और हंसी मजाक होने लगा।

मैं मजाक-मजाक में ही उसका शरीर टच कर लिया करता था और कभी-कभी उसके चुची को भी! शुरु शुरु में तो उसे यह पसंद नहीं आया पर मैं उसको टच करने मौका कभी नहीं गंवाता था।

मैंने अब तक कई बार प्रिया के नाम मुठ मारी थी, अब मेरा इरादा उसे चोदने का था। एक दिन मैंने हँसी-मजाक में उसकी चुची को दबा दिया! वो कुछ नहीं बोली, शायद उसे भी मजा आया था?

मैंने फिर से उसकी चुची दबा दी, इस बार उसके मुँह से हल्की सी आह निकल गई! फिर हम दोनों एक-दूसरे की आँखों में देखने लगे। हमें पता ही नहीं चला कि मुँह एक दूसरे के पास आ गए। हम एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे, मैं उसके होंठों का रसपान करने लगा था, उसके होंठों का रस शहद के जैसा मीठा था।

अब वो गर्म होने लगी थी! मेरे हाथ अब उसके उभारों पर आ गए थे और उन्हें सहला रहे थे। इसके बाद अब मेरे हाथ उसकी सबसे ज्यादा दिल ललचाने वाली चीज उसकी गांड को सहला रहे थे।

तभी वहाँ हिना आ गई! हम दोनों अलग गए। वो बोली- आखिरकार साले ने पटा ही लिया मेरी बहना को? प्रिया का सर शर्म के मारे नीचे झुक गया था।

फिर वो दोनों कुछ काम से बाजार चली गई। मैंने मुठ मारकर अपनी गर्मी निकाली।

उसके बाद प्रिया और मैं जब भी मिलते चूमा-चाटी कर लेते थे।

कुछ दिन बाद हिना मेरे घर आई और कहा- आज तेरा काम बन जायेगा। मैंने कहा- क्या? उसने कहा- आज हम कुछ काम से बाहर जा रहे हैं, और प्रिया घर पर अकेली ही घर पर होगी। हम शाम को वापस आयेंगे। और वो चली गई।

मेरी तो जैसे लाटरी लग गई… मैं जल्दी फ्रेश होकर हिना के घर गया। तब तक वो चले गए थे, प्रिया अकेली ही थी, मैं उसे सीधा ही बेडरूम में ले गया।

आज हमें रोकने वाला कोई नहीं था। मैंने उसे अपनी ओर खींच लिया और उसके होंठों को चूसने लगा. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैं कमीज के ऊपर से ही उसकी चुची को सहला रहा था, उसके मुख से मादक आवाजें ‘अअआह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… उउह… निकल रही थी, वो गर्म होने लगी थी।।

फिर मैंने उसकी कमीज और ब्रा निकाल दी। अब उसके उरोज पिंजरे से निकले पंछी जैसे दिखने लगे। मैं उसकी चुची को पागलों की भान्ति चूस रहा था।

अब मैंने उसकी जींस खोल कर अपना एक हाथ उसकी पेंटी के अंदर डाल दिया। उसकी चुत गीली हो चुकी थी, मैंने उसकी जींस और पेंटी भी उतार दी। वो अब पूरी नंगी हो चुकी थी.

मैंने उसे लिटा दिया और उसकी चुत पर अपना मुंह रख दिया और चाटने लगा। वो एकदम कराह उठी- आआहह… मैं उसकी चुत को अपनी जीभ से चोदने लगा। वो सिसकारियाँ ले रही थी- आआआ आआह… ऊए एएह… हह हहह हहमम ममम… वो बड़े मजे ले रही थी। कुछ देर बाद वो झड़ गई, उसकी चुत का सारा पानी मेरे मुख में गया। खट्टा-मीठा सा स्वाद था उसका!

अब उसकी बारी थी, पहले तो उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिये और मेरा लंड हाथ मे लेकर सहलाने लगी और अपनी चुत के ऊपर रगड़ने लगी, कहने लगी- अब मुझसे रहा नहीं जाता… अपने लंड को मेरी चुत में पेल दो ना! मैंने लंड का सुपारा उसकी चुत के छेद पे रखा और एक झटका मारा, लंड का सुपारा उसकी चुत में घुस गया, उसके मुख से चीख निकल गई।

फिर मैंने अपने होंठों से उसके होंठ बंद कर दिये और एक जोरदार झटका मारा, मेरा पूरा लंड उसकी चुत में जा चुका था। उसकी आँखों में पानी भर आया और चुत में से खुन बह रहा था शायद उसका मेरी तरह पहली बार था। यह हिंदी चुत चुदाई की कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

कुछ देर बाद वो सामान्य हो गई और अपने चूतड़ हिलाने लगी, मैंने भी उसे चोदना शुरू कर दिया, फिर रफ्तार बढ़ा दी। वो कह रही थी- फाड़ डाल मेरी चुत को… बना दे मुझे रंडी, बना ले अपनी प्रियतमा!

काफी देर की चुदाई में वो दो बार झड़ चुकी थी। अब मेरा भी होने वाला था… 8-10 धक्कों बाद मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में छोड़ दिया और उसके ऊपर लेट गया।

एक घंटे बाद वो उठी और कहने लगी- आज तूने मुझे जिन्दगी का सबसे बड़ा मजा दिलाया, थेंक यू! और मुझे किस करने लगी।

उसके बाद हमने फिर से जम कर चुदाई की, उसमें हमें बहुत मजा आया।

अब तो मेरी दीवानी हो चुकी थी और हफ्ते में तीन चार बार चुदवाती थी.

उसके बाद हिना और उसकी कई सहेलियों ने अपनी चुत मुझसे चुदवाई.

आपको यह चुत चुदाई की कहानी कैसी लगी, मेल जरूर कीजिएगा. [email protected]

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